नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति श्री हामिद करजई से मुलाकात करते हुए प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।

बुलेटिन बोर्ड

  • चीन के प्रधान मंत्री श्री ली केकियांग के दौरे के अवसर पर भारत और चीन – दो पड़ोसी सभ्यताएं हैं और सदियों से शांतिपूर्ण तरीके से रहते आए हैं। हाल के दिनों में हमारे बीच कुछ मतभेद थे, लेकिन विगत 25 वर्षों में हमने धीरे-धीरे पारस्परिक लाभदायी संबंध स्थापित किए हैं। सीमाओं पर शान्ति और स्थिरता के कारण हमने सतत विकास और अपने संबंधों में विस्तार किया है। सीमा के मुद्दे के शीघ्र हल करने की इच्छा जताते हुए प्रधान मंत्री ली और मैं इस बात से सहमत हुए कि इस दिशा में प्रयास जारी रखे जाने चाहिए। हमारी अर्थव्यवस्था के त्वरित विकास से हमारे क्षेत्र तथा वैश्विक स्तर पर द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं। हमारी रणनीतिक आर्थिक वार्ता...
  • एडीबी के शुभारंभ सत्र में प्रधानमंत्री का उद्बोधन भारत में पंचायती राज संस्थाओं के जरिए शासन के विकेंद्रीकरण से आम आदमी सशक्त हुआ है और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बना है। आज स्थानीय सरकारों में 30 लाख से अधिक चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनमें से करीब 40 प्रतिशत महिलाएं हैं जो भारत में अपने समुदायों में विकास का एजेंडा लागू कर रहे हैं। इसी तरह आज महिला स्व सहायता समूहों में 3 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं जो अपने समुदायों में नई और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
  • एडीबी के शुभारंभ सत्र में प्रधानमंत्री का उद्बोधन हाल के वर्षों में हमने काम, शिक्षा और सार्वजनिक प्राधिकरणों से सूचना का कानूनी अधिकार प्रदान किया है। हम अपनी जनता को किफायती दर पर भोजन का अधिकार भी देने की योजना बना रहे हैं। इस संबंध में विधेयक संसद में रखा गया है। हम सार्वजनिक सेवाओं और अधिकारों की प्रभावी डिलीवरी एवं नागरिक पहचान के आधार के रूप में आधार कार्यक्रम के तहत दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रानिक पहचान डाटाबेस भी बना रहे हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण कार्यक्रम लाभार्थियों के लिए लाभ हासिल करना आसान बनाएगा और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में भ्रष्टाचार एवं बर्बादी को भी खत्म करेगा।
  • एडीबी के शुभारंभ सत्र में प्रधानमंत्री का उद्बोधन आज एशिया बदलाव की राह पर खड़ा है। यदि उचित नीतियों और रणनीतिक दृष्टिकोण के जरिए हमारी अर्थव्यवस्थाओं की संभावनाओं का पूरा दोहन किया जाए तो एशिया निश्चित रूप से दुनिया के मामलों और वैश्विक बेहतरी में ज्यादा बड़ी भूमिका निभाएगा । प्रत्येक एशियाई देश को यह नेक लक्ष्य हासिल करने में योगदान के रास्ते और माध्यम तलाशने चाहिए।
  • पंचायती राज दिवस- 2013 समारोह में प्रधानमंत्री का उद्बोधन यह बात सही है कि हमारी आजादी के शुरुआती सालों में Centralized Planning ने राष्ट्र-निर्माण में एक बहुत अहम भूमिका निभाई थी । लेकिन, भारत जैसे बड़े और विविध देश में सही मायनों में inclusive विकास हासिल करने के लिए decentralization बहुत ज़रूरी है। आखिरकार, तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री राजीव गांधी के नैतिक साहस और आदर्शवादी सोच की वजह से ‘बुनियादी स्तर पर लोकतंत्र स्थापित करने’ की दिशा में हम आगे बढ़ सके। राजीव जी का सपना था कि पंचायती राज के जरिए लोकतंत्र और शासन भारत के हर चौपाल, हर चबूतरे, हर आंगन और हर दालान तक पहुँच पाए।

 

21 मई, 2013 को नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति श्री हामिद करजई से मुलाकात करते हुए प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।

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